यह दस्तावेज़ मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 29 सितम्बर 2014 को जारी किया गया एक व्यापक दिशा-निर्देश है, जो सरकारी सेवक की सेवाकाल में मृत्यु होने पर उसके आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने के नियमों की व्याख्या करता है।

मुख्य बिंदुओं का सारांश निम्नलिखित है:

1. अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्र आश्रित

अनुकंपा नियुक्ति के लिए प्राथमिकता का क्रम इस प्रकार है:

  • दिवंगत शासकीय सेवक की पत्नी या पूर्णतः आश्रित पति।
  • उनके द्वारा नामांकित पुत्र या अविवाहित पुत्री।
  • पूर्णतः आश्रित विधवा या तलाकशुदा पुत्री, अथवा विधवा पुत्रवधू।
  • विशेष परिस्थिति में विवाहित पुत्री (यदि केवल पुत्रियां ही हों और पति/पत्नी जीवित हों)।
  • अविवाहित मृतक सेवक की स्थिति में भाई या अविवाहित बहन।

2. पात्रता और समय सीमा

  • समय सीमा: मृत्यु के दिनांक से 07 वर्ष के भीतर पद उपलब्ध होने पर ही नियुक्ति की पात्रता होगी।
  • वयस्कता: यदि प्रथम संतान नाबालिग है, तो उसके वयस्क होने के एक वर्ष के भीतर आवेदन किया जा सकता है।
  • योग्यता: अभ्यर्थी को संबंधित पद के लिए आवश्यक शैक्षणिक और तकनीकी योग्यता रखना अनिवार्य है।

3. अपात्रता की शर्तें

निम्नलिखित स्थितियों में नियुक्ति नहीं दी जाएगी:

  • यदि परिवार का कोई भी सदस्य पहले से ही सरकारी या नियमित सेवा में हो।
  • सेवानिवृत्ति के बाद संविदा या पुनर्नियुक्ति के दौरान मृत्यु होने पर।
  • यदि मृतक कर्मचारी स्वयं संविदा, तदर्थ या प्रशिक्षु के रूप में नियुक्त था।

4. पद और प्रक्रिया

  • नियुक्ति तृतीय श्रेणी (जैसे सहायक ग्रेड-3, पटवारी, शिक्षक) या चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर दी जाएगी।
  • सहायक ग्रेड-3 के लिए कंप्यूटर डिप्लोमा/टाइपिंग परीक्षा उत्तीर्ण करने हेतु अधिकतम 3+1 वर्ष का समय दिया जाएगा।
  • यदि विभाग में पद रिक्त न हो, तो मामला जिला कलेक्टर को भेजा जाएगा जो अन्य विभागों में पद की उपलब्धता देखेंगे।

5. विशेष आर्थिक सहायता एवं विकल्प

  • कार्यभारित/दैनिक वेतनभोगी: इनके निधन पर अनुकंपा नियुक्ति के बदले 2 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाएगी।
  • अंतिम वेतन का लाभ: यदि पद रिक्त न हो या संविदा शिक्षक हेतु आवेदन न करना चाहें, तो 5 वर्ष तक मृतक का अंतिम आहरित वेतन देने का विकल्प भी उपलब्ध है (नियमों के अधीन)।

6. अन्य महत्वपूर्ण नियम

  • अभ्यर्थी को परिवार के अन्य सदस्यों के भरण-पोषण का शपथ-पत्र देना अनिवार्य होगा।
  • यदि बाद में पाया गया कि वह परिवार की देखभाल नहीं कर रहा, तो सेवा समाप्त की जा सकती है।
  • अनुकंपा नियुक्ति केवल एक बार दी जाएगी और इसे किसी अन्य व्यक्ति को स्थानांतरित नहीं किया जा सकता।

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