मध्यप्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का कार्यान्वयन) नियम, 2026 का सारांश निम्नलिखित है:

  • प्रारंभ: ये नियम 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होंगे ।
  • प्रयुक्ति (Application): यह नियम उन सभी शासकीय सेवकों पर लागू होंगे जो 1 जनवरी, 2005 को या उसके बाद नियुक्त हुए हैं ।
  • पंजीकरण: नए शासकीय सेवकों को सेवा में शामिल होते समय NPS में ऑनलाइन पंजीकरण के लिए प्ररूप CSRF-1 भरना होगा । प्रत्येक अभिदाता को एक विशिष्ट ‘प्रान’ (PRAN – व्यक्तिगत पेंशन खाता संख्या) आवंटित की जाएगी ।
  • अंशदान (Contribution):
    • अभिदाता को अपनी परिलब्धियों (बेसिक पे + महंगाई भत्ता) का 10% प्रतिमाह अंशदान करना होगा ।
    • अंशदान की गणना कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से की जाएगी ।
    • निलंबन की अवधि के दौरान अंशदान स्वैच्छिक होगा ।
  • अनुशासनात्मक कार्यवाही:
    • यदि कोई सेवानिवृत्त कर्मचारी सेवाकाल के दौरान गंभीर कदाचार का दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सकती है ।
    • राज्य शासन के पास यह अधिकार सुरक्षित है कि वह किसी विभागीय या न्यायिक जांच में सिद्ध हुई धन की हानि की वसूली के लिए कर्मचारी के NPS खाते में शासन द्वारा किए गए सह-अंशदान और उस पर अर्जित लाभ को रोक सके ।
  • परिलब्धियां: अंशदान के उद्देश्य से ‘परिलब्धियों’ में मासिक वेतन, महंगाई भत्ता और यदि लागू हो, तो गैर-प्रैक्टिसिंग भत्ता (NPA) शामिल है ।

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