मध्य प्रदेश सिविल सेवा अवकाश नियम 2025
Madhya Pradesh Civil Service Leave Rules 2025

प्रस्तुत दस्तावेज “मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 2025” की अधिसूचना है। यहाँ इस दस्तावेज का विस्तृत हिंदी सारांश दिया गया है:
1. परिचय एवं लागू होना (Introduction & Applicability)
- नियम का नाम: इन नियमों को “मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 2025” कहा जाएगा ।
- प्रभावी तिथि: ये नियम 01 जनवरी, 2026 से लागू होंगे ।
- दायरा (Scope): ये नियम उन सभी शासकीय सेवकों पर लागू होंगे जो नियमों के लागू होने की दिनांक को सेवा में हैं और राज्य की सिविल सेवाओं तथा पदों पर नियुक्त हैं ।
- अपवाद: ये नियम निम्नलिखित पर लागू नहीं होंगे:
- आकस्मिक या दैनिक वेतन भोगी ।
- आकस्मिक निधि से वेतन पाने वाले व्यक्ति ।
- कार्यभारित स्थापना के कर्मचारी ।
- संविदा पर नियुक्त व्यक्ति (जब तक अनुबंध में अन्यथा न हो) ।
- अखिल भारतीय सेवा (All India Services) के सदस्य ।
2. अवकाश की सामान्य शर्तें (General Conditions)
- अधिकार नहीं: अवकाश का दावा अधिकार के रूप में नहीं किया जा सकता । सक्षम प्राधिकारी आवश्यकतानुसार अवकाश को निरस्त कर सकता है ।
- अधिकतम अवधि: किसी भी शासकीय सेवक को पांच वर्षों से अधिक की निरंतर अवधि के लिए अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा ।
- रोजगार पर प्रतिबंध: अवकाश के दौरान शासकीय सेवक कोई अन्य सेवा या निजी व्यवसाय (जैसे वकालत या चार्टर्ड अकाउंटेंसी) सक्षम स्वीकृति के बिना नहीं कर सकता ।
- चिकित्सा प्रमाण-पत्र: चिकित्सा आधार पर अवकाश के लिए पंजीकृत चिकित्सक (Medical Practitioner) का प्रमाण-पत्र (प्रपत्र 3 में) अनिवार्य है ।
3. मुख्य अवकाश के प्रकार (Types of Leave)
(टिप्पणी: निम्नलिखित नियम दस्तावेज के बाद के पृष्ठों पर आधारित हैं जहां विस्तृत स्रोत टैग उपलब्ध नहीं हैं, अतः संदर्भ के लिए नियम संख्या का उल्लेख किया गया है)
- अर्जित अवकाश (Earned Leave – Rule 25):
- प्रत्येक कैलेंडर वर्ष में 30 दिन का अर्जित अवकाश मिलेगा।
- यह दो किश्तों में जमा होगा: 15 दिन (1 जनवरी) और 15 दिन (1 जुलाई) को अग्रिम रूप से।
- अधिकतम संचय (Accumulation) की सीमा 300 दिन है।
- अर्द्ध वेतन अवकाश (Half Pay Leave – Rule 28):
- प्रत्येक कैलेंडर वर्ष में 20 दिन का अर्द्ध वेतन अवकाश मिलेगा।
- यह 10 दिन (1 जनवरी) और 10 दिन (1 जुलाई) को जमा होगा।
- लघुकृत अवकाश (Commuted Leave – Rule 29):
- चिकित्सा प्रमाण-पत्र के आधार पर अर्द्ध वेतन अवकाश को ‘लघुकृत अवकाश’ (पूरे वेतन सहित) में बदला जा सकता है। इसमें अर्द्ध वेतन अवकाश की दोगुनी मात्रा काटी जाएगी।
- असाधारण अवकाश (Extraordinary Leave – Rule 31):
- जब कोई अन्य अवकाश देय न हो, तब बिना वेतन के असाधारण अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है।
4. विशेष अवकाश (Special Kinds of Leave)
- प्रसूति अवकाश (Maternity Leave – Rule 36):
- महिला शासकीय सेवक (जिनकी दो से कम जीवित संतानें हैं) को 180 दिन का प्रसूति अवकाश मिलेगा।
- गर्भपात (Abortion/Miscarriage) के मामले में पूरे सेवाकाल में अधिकतम 45 दिन का अवकाश मिल सकेगा।
- पितृत्व अवकाश (Paternity Leave – Rule 37):
- पुरुष शासकीय सेवक (जिनकी दो से कम जीवित संतानें हैं) को पत्नी के प्रसव के 15 दिन पूर्व या प्रसव के 6 माह बाद तक 15 दिन का अवकाश मिलेगा।
- संतान पालन अवकाश (Child Care Leave – CCL – Rule 40):
- महिला शासकीय सेवक (या एकल पुरुष सेवक) को दो ज्येष्ठ संतानों (18 वर्ष से कम आयु) की देखभाल के लिए पूरे सेवाकाल में अधिकतम 730 दिन का अवकाश मिल सकता है।
- एक कैलेंडर वर्ष में अधिकतम 3 बार लिया जा सकता है।
- दत्तक ग्रहण अवकाश (Adoption Leave):
- पुरुष (Rule 38): 1 वर्ष से कम आयु के बच्चे को गोद लेने पर 15 दिन।
- महिला (Rule 39): 1 वर्ष से कम आयु के बच्चे को गोद लेने पर 180 दिन (यदि दो से कम जीवित संतानें हों)।
5. अन्य प्रावधान
- अध्ययन अवकाश (Study Leave – Rule 44 & 46):
- उच्च अध्ययन या विशेष प्रशिक्षण के लिए सेवाकाल में अधिकतम 24 माह (2 वर्ष) का अवकाश मिल सकता है। यह 5 वर्ष की सेवा पूर्ण होने के बाद ही मिलता है।
- अवकाश नगदीकरण (Encashment – Rule 57):
- सेवानिवृत्ति पर शासकीय सेवक अपने खाते में जमा अर्जित अवकाश (Earned Leave) और अर्द्ध वेतन अवकाश (HPL) के बदले नकद राशि प्राप्त कर सकता है।
- इसकी अधिकतम सीमा 300 दिन (अर्जित अवकाश + अर्द्ध वेतन अवकाश) होगी।
चूँकि यह दस्तावेज पुराने नियमों (1977) को निरस्त करके “मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 2025” लाता है, यहाँ नए नियमों के तहत आपकी अवकाश पात्रता (Leave Eligibility) का विस्तृत विवरण दिया गया है। ये नियम 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी होंगे ।
यहाँ प्रमुख अवकाश श्रेणियों और उनकी नई सीमाओं का विवरण है:
- अर्जित अवकाश (Earned Leave – EL)
वार्षिक पात्रता: प्रत्येक कैलेंडर वर्ष में 30 दिन।
जमा करने का तरीका: यह दो किश्तों में अग्रिम (advance) जमा होगा – 15 दिन (1 जनवरी को) और 15 दिन (1 जुलाई को)।
अधिकतम संचय (Accumulation): आप अपने खाते में अधिकतम 300 दिन तक अर्जित अवकाश जमा रख सकते हैं।
एक बार में स्वीकृति: सामान्यतः एक बार में अधिकतम 180 दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है।
- अर्द्ध वेतन अवकाश (Half Pay Leave – HPL)
वार्षिक पात्रता: प्रत्येक वर्ष 20 दिन (10-10 दिन की दो किश्तों में, 1 जनवरी और 1 जुलाई को जमा)।
लघुकृत अवकाश (Commuted Leave): चिकित्सा प्रमाण-पत्र के आधार पर अर्द्ध वेतन अवकाश को पूरे वेतन सहित ‘लघुकृत अवकाश’ में बदला जा सकता है, जिसमें दोगुनी संख्या में HPL काटी जाएगी।
- माता-पिता के लिए विशेष अवकाश (Parental Leaves)
प्रसूति अवकाश (Maternity Leave):
महिला शासकीय सेवक (दो से कम जीवित संतान वाली) को 180 दिन का अवकाश मिलेगा।
गर्भपात (Abortion/Miscarriage) के मामले में पूरे सेवाकाल में अधिकतम 45 दिन का अवकाश मिल सकेगा।
सरोगेसी (Surrogacy) के माध्यम से बनी ‘कमिशनिंग मां’ को भी 180 दिन का अवकाश देय होगा।
पितृत्व अवकाश (Paternity Leave):
पुरुष शासकीय सेवक (दो से कम जीवित संतान वाले) को 15 दिन का अवकाश मिलेगा।
यह बच्चे के जन्म के 15 दिन पहले या जन्म के 6 माह के भीतर लिया जा सकता है।
संतान पालन अवकाश (Child Care Leave – CCL):
महिला शासकीय सेवक (या एकल पुरुष सेवक) को दो ज्येष्ठ जीवित संतानों (18 वर्ष से कम) की देखभाल के लिए पूरे सेवाकाल में अधिकतम 730 दिन का अवकाश मिल सकता है।
वेतन भुगतान: पहले 365 दिनों के लिए 100% वेतन और अगले 365 दिनों के लिए 80% वेतन देय होगा।
यह एक वर्ष में 3 बार से अधिक नहीं लिया जा सकेगा।
- दत्तक ग्रहण अवकाश (Adoption Leave)
पुरुष: 1 वर्ष से कम आयु की संतान गोद लेने पर 15 दिन का पितृत्व अवकाश (गोद लेने के 6 माह के भीतर) ।
महिला: 1 वर्ष से कम आयु की संतान गोद लेने पर “दत्तक संतान ग्रहण अवकाश” की पात्रता होगी, जो अधिकतम 1 वर्ष की आयु सीमा तक प्रभावी रहेगा (नियम 39 के अधीन)।
- अध्ययन अवकाश (Study Leave)
शासकीय सेवक को पूरे सेवाकाल में अधिकतम 24 माह (2 वर्ष) का अध्ययन अवकाश मिल सकता है।
एक बार में साधारणतः 12 माह तक स्वीकृत किया जा सकता है।
- अवकाश नकदीकरण (Leave Encashment on Retirement)
सेवानिवृत्ति के समय, शासकीय सेवक अपने खाते में जमा अर्जित अवकाश (EL) और अर्द्ध वेतन अवकाश (HPL) के बदले नकद राशि प्राप्त कर सकता है।
इसकी कुल अधिकतम सीमा 300 दिन होगी (अर्जित अवकाश और अर्द्ध वेतन अवकाश दोनों को मिलाकर)।

