मध्यप्रदेश भू-अभिलेख नियमावली (पटवारी मैनुअल) का सारांश निम्नलिखित है:

1. नियुक्ति और सेवा शर्तें:

  • पटवारियों की नियुक्ति “मध्यप्रदेश भू-अभिलेख एवं बन्दोबस्त तृतीय श्रेणी सेवा भर्ती नियम 2012” के अनुसार की जाती है ।
  • चयनित उम्मीदवार की पदस्थापना उसकी गृह तहसील में नहीं की जा सकती ।
  • अनुशासनात्मक मामलों में, तहसीलदार लघु शास्ति और उपखण्डीय अधिकारी (SDO) दीर्घ शास्ति देने के लिए सक्षम प्राधिकारी होते हैं ।

2. प्रशिक्षण और परीक्षा:

  • नवनियुक्त पटवारियों को 6 माह का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है, जिसमें 4 माह का सैद्धांतिक और 2 माह का व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल है ।
  • प्रशिक्षण के बाद परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक है, जिसके लिए अधिकतम 3 अवसर दिए जाते हैं। असफल रहने पर सेवा से पृथक किया जा सकता है ।
  • प्रशिक्षण की परिवीक्षा अवधि 2 वर्ष की होती है ।

3. भू-अभिलेखों का संधारण:

  • पटवारी का मुख्य कार्य खसरा, मानचित्र (नक्शा), और अधिकार अभिलेख (बी-1) जैसे महत्वपूर्ण राजस्व दस्तावेजों को तैयार करना और उनका अध्यतीकरण (Updation) करना है ।
  • खसरा: यह एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जिसमें भूमि के स्वामित्व और फसल की जानकारी होती है ।
  • जमाबंदी (बी-1): इसमें ग्राम के सभी कृषकों की भूमि की जानकारी वर्णमाला के अनुसार खातों में दर्ज की जाती है, ताकि भू-राजस्व वसूली में आसानी हो ।

4. गिरदावरी और फसल रिपोर्टिंग:

  • पटवारी वर्ष में दो बार (खरीफ और रबी) फसलों का निरीक्षण (गिरदावरी) करता है ।
  • प्राकृतिक आपदा (ओला, सूखा, पाला आदि) से फसल हानि होने पर पटवारी द्वारा आर.बी.सी. 6-4 के तहत क्षति का आकलन कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाता है ।

5. पटवारी के अन्य प्रमुख कर्तव्य:

  • राजस्व मामले: नामांतरण (Mutation), बंटवारा (Partition), और सीमांकन (Demarcation) के प्रकरणों में जाँच रिपोर्ट देना ।
  • प्रमाण पत्र: जाति, आय और शोध क्षमता (Solvency) प्रमाण पत्रों के लिए जाँच प्रतिवेदन तैयार करना ।
  • सरकारी भूमि: शासकीय भूमि पर अतिक्रमण और अवैध उत्खनन की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को देना ।
  • अन्य कार्य: कृषि संगणना, फसल कटाई प्रयोग, निर्वाचन कार्य और ग्राम सभा के कार्यों में सहयोग करना ।

6. तकनीकी कार्य:

  • वर्तमान में पटवारियों को भू-अभिलेखों का प्रबंधन Web-GIS और विभिन्न सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन करना होता है ।
  • सर्वेक्षण के लिए आधुनिक पद्धतियों जैसे ETSM (Electronic Total Station Machine) का उपयोग सिखाया जाता है ।

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