पूर्व में प्रदाय कृषि पट्टों को अभिलेखों में लाल स्याही से दर्ज करने के सम्बन्ध में
Regarding the recording of previously granted agricultural leases in red ink in the records

यह दस्तावेज़ मध्यप्रदेश शासन के राजस्व विभाग द्वारा 26 मार्च 2010 को जारी किया गया एक आधिकारिक निर्देश है, जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि पट्टों के अवैध हस्तांतरण को रोकना और उनके रिकॉर्ड का उचित रखरखाव करना है ।
इस निर्देश के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. राजस्व अभिलेखों में प्रविष्टि
- सभी शासकीय पट्टेधारियों की भूमि के आगे राजस्व रिकॉर्ड में लाल स्याही से “अहस्तांतरणीय” शब्द लिखा जाना अनिवार्य है ।
- कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि वे तहसीलदारों के माध्यम से पटवारियों की बैठक बुलाकर यह कार्य 10 दिनों के भीतर पूर्ण कराएं ।
2. भूमि हस्तांतरण संबंधी कानूनी प्रावधान
- धारा 158: इसके तहत कोई भी व्यक्ति पट्टा आवंटन की तारीख से 10 वर्ष तक भूमि का हस्तांतरण नहीं कर सकता ।
- धारा 165 (7-ख): यदि कोई पट्टेधारी बाद में भूमिस्वामी बन जाता है, तब भी वह कलेक्टर या उससे वरिष्ठ राजस्व अधिकारी की लिखित अनुमति के बिना भूमि का हस्तांतरण नहीं कर सकेगा । ऐसी अनुमति केवल ठोस कारणों को दर्ज करने के बाद ही दी जा सकती है 。+2
3. उल्लंघन पर कार्यवाही
- यदि किसी पट्टेधारी ने बिना सक्षम अनुमति के भूमि बेच दी है या अवैध रूप से हस्तांतरित की है, तो ऐसे पट्टों को निरस्त किया जाना चाहिए ।+1
- ऐसी भूमियों पर शासन का कब्जा वापस लेने की तत्काल कार्यवाही की जाए ।
