Population_areas_left_out_under_Swamitva_120126

यह दस्तावेज़ आयुक्त, भू-संसाधन प्रबंधन, मध्यप्रदेश द्वारा जारी किया गया एक आधिकारिक पत्र है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में ‘स्वामित्व योजना’ के तहत छूटे हुए आबादी क्षेत्रों को सम्मिलित करना और उनकी घोषणा करना है।

इस पत्र का सारांश निम्नलिखित है:

मुख्य उद्देश्य और कानूनी प्रावधान

  • आबादी भूमि की घोषणा: मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 (संशोधित 2018) की धारा 243 से 246 के तहत जिला कलेक्टर को आबादी भूमि घोषित करने का अधिकार है।
  • अधिकार अभिलेख: योजना के तहत केवल उन संपत्तियों के अधिकार अभिलेख तैयार किए जाते हैं, जो 25 सितंबर 2018 तक आबादी क्षेत्र में थीं या उसके बाद जिन्हें भू-खण्ड आवंटित किया गया है।

स्वामित्व योजना की प्रगति

  • योजना की शुरुआत: भारत सरकार द्वारा 24 अप्रैल 2020 को और मध्यप्रदेश में 7 जुलाई 2020 से इसका क्रियान्वयन शुरू हुआ।
  • सर्वेक्षण का विवरण: प्रदेश के कुल 41,575 पात्र ग्रामों में से 39,657 ग्रामों में कार्य पूर्ण हो चुका है।
  • वर्तमान स्थिति: 20 जिलों में सर्वेक्षण समाप्ति की अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है।

कलेक्टरों को निर्देश

  • सर्वेक्षण से छूटे क्षेत्र: यदि कोई क्षेत्र आबादी घोषित होने से रह गया है या स्वामित्व योजना के दायरे में नहीं आ पाया है, तो उसे चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • समय सीमा: जिलों को ऐसे क्षेत्रों का विवरण निर्धारित परिशिष्ट “अ” में 19 जनवरी 2026 तक विभाग को भेजने के लिए कहा गया है ताकि उनका ड्रोन सर्वेक्षण कराया जा सके।

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