व्यपवर्तन के सम्बन्ध में पूछे जाने वाले प्रश्न एवं उत्तर
Frequently asked questions and answers about diversion

यह दस्तावेज़ मध्य प्रदेश के आयुक्त भू-अभिलख द्वारा 29 जुलाई 2021 को जारी किया गया है, जिसमें व्यपवर्तन (Diversion) से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (FAQs) के उत्तर दिए गए हैं ।
इसका मुख्य सारांश निम्नलिखित है:
व्यपवर्तन (Diversion) का अर्थ और आवश्यकता
- अर्थ: जब किसी भूमि के उपयोग में परिवर्तन किया जाता है (जैसे कृषि से आवासीय या व्यावसायिक), तो भू-राजस्व का पुनर्निर्धारण ‘व्यपवर्तन’ कहलाता है 。
- समय: निर्माण कार्य शुरू करने से पहले या भूमि का उपयोग बदलने से पहले व्यपवर्तन कराना अनिवार्य है 。
- छूट: ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि पर 200 वर्ग मीटर तक आवासीय और 40 वर्ग मीटर तक व्यावसायिक निर्माण को व्यपवर्तन से छूट दी गई है 。
आवेदन प्रक्रिया और शुल्क
- पोर्टल: आवेदन www.mpbhulekh.gov.in पर ऑनलाइन किया जा सकता है 。
- दस्तावेज: पहचान प्रमाण, पता प्रमाण और व्यपवर्तन का स्केच (नक्शा) आवश्यक हैं 。
- शुल्क: इसमें एकमुश्त प्रीमियम, एक वर्ष का भू-राजस्व, पंचायत उपकर (यदि देय हो), और पोर्टल शुल्क शामिल होता है 。
- क्षेत्रफल: पोर्टल पर क्षेत्रफल केवल वर्ग मीटर में ही भरा जा सकता है 。
साझा खाते (Shared Accounts) के नियम
- यदि साझा खाते की भूमि का व्यपवर्तन होता है, तो खसरे में सभी सह-खातेदारों के नाम आएंगे 。
- व्यपवर्तन शुल्क भी सभी भूमिस्वामियों पर देय होगा 。
- भविष्य के विवादों से बचने के लिए सलाह दी गई है कि पहले तहसील न्यायालय से बंटवारा करा लें और फिर अपने नाम के खसरे पर व्यपवर्तन के लिए आवेदन करें 。
महत्वपूर्ण नियम और निर्देश
- बिना सूचना व्यपवर्तन: यदि बिना सूचना के भूमि का उपयोग बदला जाता है, तो पटवारी इसकी रिपोर्ट उपखंड अधिकारी (SDO) को देगा और विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी 。
- बदलाव: आवेदन जमा होने के बाद इसे रद्द नहीं किया जा सकता 。 हालांकि, गणना में त्रुटि होने पर SDO शुल्क में सुधार कर सकता है 。
- समय सीमा: यदि 15 दिनों के भीतर SDO द्वारा पुष्टि नहीं की जाती है, तो खसरे के कॉलम-12 में इसकी प्रविष्टि स्वतः दर्ज करने के निर्देश हैं 。
सहायता
- किसी भी समस्या के समाधान के लिए टोल-फ्री नंबर 1800 233 6763 पर संपर्क किया जा सकता है 。

