यह दस्तावेज़ ‘मुख्यमंत्री कर्मचारी एवं पेंशनर्स व्यापक स्वास्थ्य आश्वासन योजना’ (जनवरी 2026) का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करता है, जिसका उद्देश्य मध्य प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना है

इस नई प्रस्तावित योजना का मुख्य सारांश निम्नलिखित है:

1. प्रमुख सुधार और लाभ सीमा

  • असीमित उपचार सीमा: अस्पताल में भर्ती (IPD) के लिए वर्तमान ₹20 लाख की सीमा को हटाकर इसे असीमित (कोई ऊपरी सीमा नहीं) करने का प्रस्ताव है ।
  • पैकेज दरें: ₹5 लाख तक के उपचार PMJAY दरों पर और ₹5 लाख से ऊपर के उपचार CGHS दरों पर होंगे । फेफड़े या हृदय प्रत्यारोपण जैसे गंभीर मामलों में भी CGHS के उच्च पैकेज के तहत लाभ मिलेगा ।
  • OPD और दवाएँ: प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹20,000 की सीमा निर्धारित है । इसमें दवाएं, उपकरण और इम्प्लांट भी शामिल हैं ।

2. पात्रता एवं पंजीकरण

  • हितग्राही: इसमें राज्य कर्मचारी, संविदा कर्मचारी, पेंशनभोगी और उनके आश्रित (पति/पत्नी, माता-पिता जिनकी आय ₹3 लाख से कम हो, और बच्चे) शामिल हैं ।
  • डिजिटल कार्ड: सभी पात्र व्यक्तियों का पंजीकरण MPSEDC पोर्टल के माध्यम से होगा और प्रत्येक सदस्य के लिए अलग डिजिटल हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा ।

3. उपचार की प्रक्रिया (कैशलेस और पेपरलेस)

  • सम्बद्ध अस्पताल: पैनल में शामिल अस्पतालों में उपचार कैशलेस और पेपरलेस होगा ।
  • गैर-सम्बद्ध अस्पताल: आपातकालीन स्थिति में सिविल सर्जन के प्रमाण-पत्र के आधार पर प्रतिपूर्ति (Reimbursement) की सुविधा मिलेगी ।
  • अस्पताल नेटवर्क: इसमें सभी आयुष्मान (PMJAY) और CGHS सम्बद्ध अस्पताल, साथ ही राज्य के बाहर के उच्च गुणवत्ता वाले तृतीयक अस्पताल शामिल होंगे ।

4. हितग्राही अंशदान (मासिक योगदान)

कर्मचारियों और पेंशनरों को उनके वेतन बैंड/श्रेणी के आधार पर मासिक योगदान देना होगा:

  • कर्मचारी: ₹250 से ₹1000 प्रति माह (पे बैंड के अनुसार) ।
  • पेंशनर: ₹500 प्रति माह (संभावित) ।
  • इस योगदान की वार्षिक समीक्षा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर की जाएगी ।

5. वार्ड पात्रता

  • प्राइवेट वार्ड: पे बैंड 8 और उससे ऊपर के कर्मचारियों के लिए ।
  • सेमी प्राइवेट वार्ड: पे बैंड 1 से 8 तक के कर्मचारियों के लिए ।

6. कार्यान्वयन और निगरानी

  • योजना का संचालन राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA) द्वारा किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञों की टीम और 24×7 कॉल सेंटर की सुविधा होगी ।
  • तकनीकी सहायता के लिए NHA-PMJAY पोर्टल का उपयोग किया जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे और धोखाधड़ी पर नियंत्रण रखा जा सके ।

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